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Showing posts from August, 2019

मेरे गुनाहों की सजा मुझे दे रही हो

मेरे गुनाहों की सजा मुझे दे रही हो यह सही है अपनी आदत में सुधार लाएंगे हर शिकवे गिले दूर करने की कोशिश करेंगे पलकों को झुकाकर शर्माना और तिरछी नजरों से देखकर मुस्कुराना अपनी अदाओं से मन मोह लेती हो तुम्हारा यह अंदाज मुझमें प्यार का एहसास जगाता है उलझा रहता हूं तुम्हारे दीदार में कुछ सूझता नहीं है तुम भी मेरे मन को रिझाने में कोई कसर बाकी नहीं रखती हो तुम्हारी तारीफे मेरे जुबान पर आती है मैं हैरान हूं तुमने ऐसा जादू कर दिया है